0:00हैं और अब आप तक पहुंच जाते हैं कुछ विशेष
0:02जानकारी महत्व क्या है 14 जनवरी को जो आ
0:06रही है मकर सक्रांति उसका और क्या कर सकते
0:11हैं आप इस दिन विशेष रूप से लाभान्वित
0:14होने के लिए हमारी आध्यात्मिक सांस्कृतिक
0:17परंपरा से मकर सक्रांति का पर्व हमारे लिए
0:23क्या संदेश लेकर आता है किस तरह यह दिन
0:27हमारा उत्साह बढ़ाने के लिए महत्व रखता है
0:31आइए जानें शास्त्री जगदीश त्रिपाठी जी से
0:34और विद्या में मकर सक्रांति के पर्व पर
0:38कुछ विशेष जानकारी के साथ वेदिक स्कॉलर
0:42शास्त्री जगदीश त्रिपाठी जी मकर सक्रांति
0:45पतंग उड़ाने के साथ भी याद किया जाता है
0:48जयपुर और अहमदाबाद में खास तौर पर साठी
0:52कि * जैन बताते हैं कि सूर्य भगवान मकर
0:57राशि में उस दिन प्रवेश करते हैं और क्या
0:59कुछ है इस दिन के आसपास उत्सवों की
1:02श्रंखला में भारत में शास्त्री जी निवेदन
1:05आपसे बताए हैं
1:08है तो मकर तो सबको पता है हमारी 12
1:11राशियों में शेष राशि मकर राशि
1:15है और हमारी जो 12 महीने हैं उन 12 महीनों
1:21का जो निर्धारण तो यह सूर्य एक राशि में
1:26एक महीने तक रहते हैं
1:29है तो क्रम से एक राशि में जो सूर्य दूसरी
1:34राशि में जाते हैं तो प्रतिमा में हर
1:37महीने
1:38जिस दिन सूर्य दूसरी राशि में प्रवेश करते
1:42हैं उस दिन को संक्रांति बोलते हैं तो
1:45संक्रांति हर महीने होती है प्रत्येक
1:48महीने में संक्रांति होती है
1:51लेकिन यह जो है
1:54makar-sankranti
1:55तो आप वह यह है कि सूर्य नारायण भगवान
1:59सूर्य छह महीने में कि उत्तरायण
2:05है और छह महीने दक्षिण रहते वह भगवान श्री
2:10कृष्ण ने भी गीता में इस बात को शर्मा
2:13उत्तरायण तो उत्तरायण में जब सूर्य जाते
2:17हैं तो मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण
2:21हो जाते हैं
2:23है तो हमारी भारतीय वैदिक
2:25परंपरा में ऑडिशन में सूर्य का उत्तरायण
2:29होना कल्याणकारी शिव और यह भी नमः भारत
2:33में एक प्रकरण इसमें यह के पितामह भीष्म
2:38समय पर लेटे हुए थे और वह प्रतीक्षा कर
2:44रहे थे तो है कि जब सूर्य उत्तरायण में
2:48जाएंगे तब मैं देखा त्याग कर लूंगा और
2:51ऐसी मान्यता है और शास्त्रीय परंपरा है कि
2:55उत्तरायण के सूर्य में किए गए कार्य
2:57कल्याणकारी तो भगवान भाष्कर
3:01उत्तरायण होते हैं और इसीलिए उन्हें यह
3:05संक्रांति विशेष मानी गई है और रामायण में
3:09कई जगह में उल्लेख है कि माघ
3:13मकरगत रवि जब होई तीरथपतिहिं आव सब कोई
3:19गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं
3:22मकर राशि में भगवान भाष्कर प्रवेश करते
3:26हैं तो
3:28सब्सक्राइब
3:34स्क्रीन जाते हैं और गंगाजी में स्नान
3:38करके भगवान का आयोजन करते हैं और वह माघ
3:43के महीने में
3:45कि मकर में जब सूर्य जाते हैं सूर्य
3:48उत्तरायण में वह बहुत कल्याणकारी माना गया
3:51है और इसी लिए आप देखेंगे कि एक दिन पूर्व
3:57मकर राशि में सूर्य भगवान प्रवेश करते हैं
4:00उसे एक दिन पूर्व की संख्या में पंजाब में
4:04लोहड़ी पर्व मनाया जाता है तो उसको
4:09समय जाते हैं कि उससे अलग हिसाब से
4:14अलग-अलग
4:16तो आपको भी भगवान भास्कर सूर्य के
4:20उत्तरायण होने की बहुत-बहुत मंगल कामनाएं
4:22और
4:24सब्सक्राइब सूर्य के मकर गति
4:28शुभकामनाएं
4:30कार्स भगवान
4:34सब्सक्राइब मकर सक्रांति के दिन विशेष
4:38हमको करना चाहिए और कोई ऐसा मंत्र जो इस
4:42दिन की महिमा के साथ सूर्य भगवान के साथ
4:44तो यह है कि कि गायत्री जो मंत्र है वह
4:48भगवान सूर्य की आराधना का मंत्र है इसका
4:52विस्तृत नहीं तो लेकिन संक्षेप में कहूं
4:55तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि
4:57धियो यो न प्रभाव सविता देव भगवान भाष्कर
5:02हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित
5:05करें जो तीनों लोकों के स्वामी हैं पूरे
5:10आत्मा तो उन्हें भगवान भास्कर को तो मैं
5:14समझता हूं कोई मंत्र को लेकिन गायत्री
5:17मंत्र लगभग को
5:22सब्सक्राइब करें
5:24और खासकर के महत्वपूर्ण यह है कि मकर
5:28संक्रांति के दिन तिल गुड़ मूंगफली तिल
5:33के लड्डू बनाते हैं और फिर उस दिन खास
5:36करके
5:37खिचड़ी
5:39खिचड़ी जरूर खानी चाहिए हमारी परंपरा तो
5:44खिचड़ी बना भारतीय भोजन में आयोजित और तिल
5:48के लड्डू मूंगफली इत्यादि यह सब हुआ भोजन
5:52में होना चाहिए और इसका दान भी करना चाहिए
5:55तो संक्रांति में वैसे तो प्रत्येक
5:57संक्रांति में जो लोग जानते हैं लेकिन उस
5:59दिन जो आप ग्रहण करते हैं उससे पूर्व आप
6:03उसका थोड़ा दान करें तो खिचड़ी का दान
6:06करें तिल का दान करें इत्यादि का दान करें
6:10यह करने से आपके जीवन का कल्याण होता है
